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संजू सैमसन को क्यों नहीं मिली प्लेइंग XI में जगह? कप्तान हार्दिक पांड्या ने बताई वजह

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संजू

न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 3 टी20I मैचों की सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत ली हैं. टीम इंडिया ने सीरीज तो अपने नाम कर ली हैं लेकिन युवा तेज गेंदबाज उमरान मलिक और संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में जगह न मिलने का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ हैं. ऋषभ पन्त के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भी संजू को टीम में न चुने जाने से उनके फैन्स सोशल मीडिया पर गुस्से वाली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. इसी बीच टीम के स्टैंडिंग कप्तान हार्दिक पांड्या ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए एक बड़ा ब्यान दिया हैं.

दरअसल पिछले काफी समय से क्रिकेट फैन्स ये जानना चाह रहे हैं कि संजू सैमसन के साथ भेदभाव क्यों हो रहा हैं और उन्हें प्लेइंग इलेवन में क्यों नहीं चुना जा रहा हैं. इन सब सभी सवालों का जवाब हार्दिक पांड्या ने दे दिया हैं. पांड्या ने स्वीकार किया कि  सैमसन की जगह होना इस समय काफी कठिन है और वह उनकी जगह खुद को रखकर सोच भी सकते हैं. हालाँकि कई कारणों की वजह से दुर्भाग्यवश उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई.

Sanju Samson

प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन और उमरान मलिक को न चुने जाने के सवाल पर हार्दिक पांड्या ने कहा, “अभी काफी समय बाकी है और सभी को उचित अवसर मिलेंगे. यदि यह सीरीज बड़ी होती या 3 मैच भी होते तो शायद उन खिलाड़ियों को आप टीम में देख सकते थे. लेकिन मैं छोटी सीरीज में अधिक बदलाव करने में भरोसा नहीं रखता. आगे भी मेरी सोच इस विषय में ऐसी ही रहेगी. लेकिन
किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार बेंच पर रहना कठिन रहता है लेकिन भरोसा कीजिए इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं रहता है और यह केवल टीम कॉम्बिनेशन पर ही निर्भर करता है.”

हार्दिक ने आगे कहा, “मैं हमेशा इस विषय में या खुद कोच भी खिलाड़ियों को जवाब देने के लिए तैयार रहते हैं. यदि किसी को इसमें कुछ भी गलत लगता है तो वो खुद मुझसे आकर बात कर सकते हैं. मैं उनकी भावनाओं को समझ सकता हूँ. संजू सैमसन का मामला काफी अनलकी है. हम उन्हें खिलाना चाहते थे हालाँकि कुछ स्ट्रैटिजिक कारणों से वह नहीं खेल पाए. मैं समझ सकता हूँ अगर उनकी जगह कोई भी होगा तो यह आसान नहीं होता है बेंच पर बैठना. लेकिन कई बार स्थिति ऐसी होती हैं, जिसके कारण ऐसा करना पड़ता है. मैं संजू से हमेशा इस विषय पर बात करने को तैयार भी रहता हूँ. यदि उन्हें अच्छा नहीं लगता है तो वह मुझसे बात कर सकते हैं या फिर कोच से. लेकिन अगर आगे भी मैं कप्तान रहा तो इस मामले में मेरी यही सोच रहेगी.”