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Drishyam 2 Review: विजय सलगांवकर के सोच के आगे कांपे कानून का हाथ पैर... सस्पेंस और थ्रिल देख आप भी बजाने लगगे ताली

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vijay

अजय देवगन की बहु चर्चित फिल्म दृश्यम 2 आखिरकार 18 नवम्बर(शुक्रवार) को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी हैं. 2015 की फिल्म दृश्यम की सीक्वल इस फिल्म में अजय देवगन के आलावा तब्बू, श्रिया सरन और अक्षय खन्ना जैसे स्टार्स मुख्य भूमिका में हैं. दृश्यम तो सुपरहिट साबित हुई थी और अब दृश्यम 2 भी को फिल्म क्रिटिक्स और फैन्स का खूब प्यार मिल रहा हैं.

फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद से सोशल मीडिया पर दृश्यम 2 को लेकर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाए आ रही हैं. फैन्स को फिल्म की स्टोरी लाइन, प्लॉट
, स्टार कास्टस काफी पसंद आ रही हैं.

दृश्यम 2 फिल्म रिव्यु

ajay devgan

दृश्यम 2 फिल्म की कहानी भी विजय सलगांवकर परिवार के इर्दगिर्द ही घुमती हैं. फिल्म की शुरुआत में दिखाया गया हैं कि विजय को निर्माणाधीन पुलिस स्‍टेशन से निकलते हुए एक शख्‍स देख लेता है. दरअसल वह शख्स एक आदमी का मर्डर करके पुलिस से भाग रहा होता हैं इर फिर 7 साल के लिए जेल चला जाता हैं. जिसके बाद बाद कहानी 7 साल आगे बढ़ती है. इन 7 वर्षों में विजय, उसकी पत्‍नी नंदिनी श्रिया सरन, बड़ी बेटी अंजू और छोटी बेटी अनु अतीत में जो हुआ उसे भूलकर नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं.

अब विजय एक केबल ऑपरेटर से थिएटर का मालिक बन चूका होता हैं और वह अपनी फिल्‍म बनाने की तैयारी में भी है इसके लिए वह राइटर मुराद अली से मिलता हैं. इसी बीच मीरा अपने पति (रजत कपूर) के साथ लंदन से वापस भारत आते हैं.
 

इस फिल्म में दिखाया गया हैं कि शहर में एक नए आईजी तरुण (अक्षय खन्ना) आते हैं और वह इस केस की तहकीकात शुरू करता हैं और धीरे-धीरे कई राज खुलने लगते हैं. दरअसल उन्होंने विजय फसाने के लिए कई साल पहले से जाल बिछाया होता हैं और वे उनके पड़ोस में एक अंडरकवर एजेंट फॅमिली को भेजते है जो पहले विजय के परिवार से मिल-जोल बढाते हैं और उनके पूरे घर में कैमरे और माइक लगा देते हैं और विजय की एक-एक बार और हरकत पर नजर रखते हैं. इसी बीच विजय की पत्नी नंदिनी के मुहं से निकल जाता हैं कि मर्डर के अगले दिन विजय ने सैम की बॉडी कहीं शिफ्ट कर थी लेकिन वह जगह कहाँ थी वो सिर्फ विजय जानता हैं.

इस बीच आईजी तरुण शहर में खबर फैला देते हैं कि उस मर्डर के बारे में कोई नई जानकारी देंगे तो उसे 5 लाख का इनाम दिया जाएगा और फिर शुरुआत में जिस शख्स ने विजय को पुलिस चौकी से निकलते हुए देखता हैं वो पुलिस को सब हकीकत बता देता हैं और पुलिस स्टेशन से सैम की बॉडी निकाल ली जाती हैं. फिर पुलिस विजय के पत्नी नादिनी और बेटियों से सख्ती से पेश आते हैं और विजय पिगल जाता हैं और सब कबूल लेता हैं.

इतना देखने के बाद सबको ऐसा लगता हैं कि फिल्म खत्म हो जाएगी और विजय को सजा हो आएगी लेकिन इसके बाद विजय की कुछ ऐसी प्लानिंग का खुलासा होता हैं. जिससे आईजी तरुण सहित सभी पुलिस ऑफिसर के पैरो के नीचे से जमीन खिसक जाती हैं.

इस फिल्म का एंड इतना जबरदस्त हैं कि आप थिएटर में बिना ताली बजाये नहीं रह सकते हैं. ऐसे में हम चाहेंगे की आप खुद थिएटर में जाकर इस फिल्म का आनंद ले.